शरह क़सीदा ए मेराज
*🇮🇳सिराते मुस्तक़ीम*
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*☄️ शरह क़सीदा ए मेराज*
.*🕌नमाज़े अक्सा में था येही सिर्र, अयां हों मअनए अव्वल आख़िर*
*💖 कि दस्त बस्ता हैं पीछे हाज़िर,जो सल्तनत आगे कर गए थे*
_अल्फ़ाज़ के मतलब_
अक़्सा - मस्जिद ए अक़्सा!
सिर्र - राज़!
अयां - हाज़िर होना!
दस्त बस्ता - हाथ बांधकर!
*📜 मफ़हूम:- शब ए मेराज मस्ज़िद ए अक़्सा में जो हुज़ूर सल्लल्लाहु तआला अलैहि वसल्लम ने तमाम अम्बिया ए किराम ओ रसूल ए इज़ाम को नमाज़ पढ़ाई उसमें यही राज़ था के पहले और आखरी का फर्क़ वाज़ेह हो जाये के जो हुज़ूर सल्लल्लाहु तआला अलैहि वसल्लम से पहले नबुव्वत के डंके बजा कर गए थे वो सारे के सारे हाथ बांधकर इमामुल अम्बिया के पीछे खड़े हैं!*
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*~🖋️पेशकश*
*🇮🇳 टीम सिराते मुस्तक़ीम*
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