1 फरवरी (1943) शम्सी यौमे विलादते बा-सआ़दत ह़ुज़ूर ताजुश्शरिअ़ह अ़लयहिर्रहमह ____💕💫

*👑 1 फरवरी (1943) शम्सी यौमे विलादते बा-सआ़दत ह़ुज़ूर ताजुश्शरिअ़ह अ़लयहिर्रहमह ____💕💫*

💛 फज़्ले रब्बुल-उ़ला और क्या चाहिये,
मिल गये मुस्त़फा और क्या चाहिये ।

ग़ौसो, ख़्वाजा, रज़ा, ह़ामिदो, मुस्त़फा,
पीर अख़्तर रज़ा, और क्या चाहिये ।

*🌹 अल्लाह तबारक व-तआ़ला का करोड़ों शुक्र व अह़सान कि उस ने हमें अपने ह़बीबे करीम ﷺ के सदक़े व त़ुफैल ताजुश्शरिअ़ह (अ़लयहिर्रहमह व रदियल्लाहु अ़न्हु) जैसी अ़ज़ीम ने'मत अ़त़ा फरमाई और इस दौर-ए पुर-फितन में उन के दामन से वाबस्ता फरमाया ।*

*इस अ़ज़ीम ने'मत के शुक्राने के त़ौर पर मह़ाफिले ज़िक्र व ना'त का अहतिमाम करें, इ़ल्मे दीन ह़ासिल करें, उ़लमा व मदारिसे अहले सुन्नत से तआ़वुन करें ।*

*👑 अल्लाह करीम हमें और आप को मुर्शिदे गिरामी के वसीला-ए जलीला से नेक तौफीकें अ़त़ा फरमाऐ ।*

या ख़ुदा अख़्तर रज़ा को गुलशने इस्लाम में,
रख शगुफ्ता हर घड़ी अपनी रज़ा के वास्त़े । 🤲🏻

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